शनिवार, 28 दिसंबर 2019

बैंकों की इजाजत के बिना उनसे जुड़ा कोई भी मामला सीबीआई के पास नहीं जाएगा : निर्मला सीतारमण

 



नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकारी बैंकों को अपने अधिकारियों के खिलाफ लंबित सतर्कता मामलों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं और जो सही एवं विवेक से लिए गए मामले हैं उनके लिए बैंकों को सीबीआई, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से डरने की आवश्यकता नहीं है।


बैंकों की बिना इजाजत के कोई भी मामला अब सीबीआई के पास नहीं जाएगा। वित्त मंत्री का कहना है कि सीबीआई निदेशक इस संबंध में देश के बैंकों के शीर्ष अफसरों से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त करेंगे।


हालांकि, अब बैंकों को शिकायतों पर विभागीय कार्रवाई तेजी से करनी होगी। श्रीमती सीतारमण ने सरकारी एवं निजी बैंक प्रमुखों के साथ बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि पहली बार बैठक में सीबीआई निदेशक एवं संयुक्त निदेशक भी शामिल हुए हैं।


उन्होंने कहा कि वह प्रवर्तन निदेशालय, राजस्व खुफिया निदेशालय और आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ भी ऐसी बैठक करेंगी और उन्हें भी बैंक अधिकारियों को धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने के बारे में बताने की अपील करेंगी।


 उन्होंने कहा कि बैंकरों को आश्वस्त किया गया है कि विवेक से लिए गए वाणिज्यिक निर्णय की संरक्षा की जाएगी और उसके लिए किसी भी बैंकर को डरने की जरूरत नहीं है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि आयकर विभाग द्वारा नोटिस भेजने के लिए बनाए गए तंत्र की तरह सीबीआई भी एक तंत्र विकसित करेगा जिससे केन्द्रीय जांच एजेंसी के सभी नोटिस पर एक पंजीयन नंबर होगा जिससे अनाधिृकत पत्राचार और किसी तरह के उत्पीडऩ की आशंका समाप्त हो जाएगी।


उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कार्रवाई के दौरान सीबीआई को उचित वाणिज्यिक निर्णय और दोषपूर्ण निर्णय के बीच अंतर करना चाहिए। सरकारी बैंक धोखाधड़ी से जुड़े प्राथमिक रिपोर्ट (एफआईआर) से सीबीआई को एक विशेष ईमेल से अवगत करायेंगे।


इसके साथ ही सीबीआई भी एक विशेष फोन नंबर जारी करेगा जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति जांच मशीनरी के उत्पीडऩ के बारे में सूचना दे सकेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों को फोरेंसिक ऑडिटर चयन के मानकों को कड़ाई से पालन करने और सीबीआई से फोरेंसिक ऑडिटरों को प्रशिक्षित कराने के लिए कहा गया है। सीबीआई भी बैंक अधिकारियों को इस संबंध में प्रशिक्षित करेगा।


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