अगर अभी तक फास्‍टैग नहीं लगवाया है तो आज रात से दोगुने टोल के लिए हो जाएं तैयार



नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग): अगर आपने अभी तक अपने वाहन पर फास्टैग नहीं लगवाया है तो जल्दी कीजिए। ऐसा नहीं किया तो आपकी परेशानी बढ़ने वाली है क्योंकि आज रात 12 बजे के बाद फास्‍टैग अनिवार्य कर दिया गया है। मतलब अगर आप 15 दिसंबर को बिना फास्टैग के नेशनल हाईवे के टोल प्‍लाजा पर फास्‍टैग लेन में एंट्री करते हैं तो आपको टोल टैक्‍स का दोगुना जुर्माना भरना पड़ सकता है। 


इस तरह काम करता है फास्‍टैग


फास्‍टैग को गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाना होगा। इसके बाद अगर आप नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से गुजरते हैं तो रुकने की जरूरत नहीं होगी। टोल प्‍लाजा पर लगे कैमरे इसे स्‍कैन कर लेंगे और रकम आपके अकाउंट से अपने आप कट जाएगी। ये प्रक्रिया चंद सेकेंड में पूरी हो जाती है। गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगा फास्‍टैग मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज होता है। फास्‍टैग को My FASTag ऐप या नेटबैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई और अन्‍य लोकप्रिय तरीकों के जरिए रिचार्ज कराया जा सकता है।
 
इन जगहों से मिलेगा फास्टैग


नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अलावा देश के लगभग सभी बड़े बैंक, ई-कॉमर्स और मोबाइल वॉलेट से फास्‍टैग मंगवाया जा सकता है। इसके अलावा, राष्‍ट्रीय राजमार्ग के सभी टोल प्‍लाजा, आरटीओ, परिवहन केन्‍द्र, बैंक की शाखाएं, कुछ चुने हुए पेट्रोल पंप आदि शामिल हैं।


फास्टैग के लिए देना होगा ये डाक्युमेंट


बता दें कि वो हर व्‍यक्ति फास्‍टैग ले सकता है जिसके पास कार या बड़ी गाड़ी है। इसके लिए जरूरी डॉक्‍युमेंट के तौर पर वाहन का रजिस्‍ट्रेशन सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज फोटो, एड्रेस प्रूफ के अलावा केवाईसी दस्तावेज की एक कॉपी जरूरी होगा।



यहां से दूर होगी शिकायत


अगर आपको फास्‍टैग से जुड़ी कोई शिकायत है तो आपको इसे जारी करने वाली एजेंसी के हेल्‍पलाइन नंबर पर कॉल करना होगा। आप फास्‍टैग जारी करने वाले बैंक या मोबाइल वॉलेट की हेल्‍पलाइन नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


बड़े फायदे की चीज है फास्टैग


फास्टैग का सबसे बड़ा फायदा समय और पैसे की बचत है। सरकार की ओर से कैशबैक दिया जा रहा है तो वहीं जारी करने वाले अलग-अलग बैंक या कंपनियां भी छूट दे रही हैं। इसके अलावा फास्‍टैग की वजह से जाम से छुटकारा मिलता है जबकि कैश से टोल टैक्‍स देने पर ईंधन की ज्‍यादा खपत होती है। दावा किया जा रहा है कि ईंधन की बचत से प्रदूषण में भी कमी आएगी।