लंदन ब्रिज अटैक में संदिग्धआतंकी पाक पीओके में आतंकी कैंप भी लगाने गया था

लंदन (स्वतंत्र प्रयाग): ब्रिटेन के मशहूर लंदन ब्रिज के निकट शुक्रवार को हुई चाकूबाजी में शामिल संदिग्ध 2012 में भी आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तत होने का दोषी पाया गया था। संदिग्ध उस्मान खान 10 साल पहले अपने तीन जिहादी साथियों के साथ पाकिस्तान गया भी था। उसकी योजना पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में एक टेररिस्ट ट्रेनिंग कैंप स्थापित करने की थी।


ब्रिटिश कोर्ट ने उस्मान को 2012 में भी आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तत होने का दोषी पाया था। उस्मान अपने दो साथियों नजम हुसैन और मोहम्मद शाहजहां के साथ फंड जुटाकर आतंकवादी प्रशिक्षण कैंप स्थापित करने की योजना बना रहे थे। योजना के मुताबिक, उस्मान और हुसैन को पाकिस्तान में आतंकियों को ट्रेंनिंग देने के लिए 2011 जनवरी में ब्रिटेन से निकलना था। 


ब्रिटेन के मशहूर लंदन ब्रिज के निकट शुक्रवार को हुई चाकूबाजी की घटना में दो लोग मारे गए थे। वहीं स्कॉटलैंड यार्ड ने फर्जी विस्फोटक जैकेट पहने एक पुरुष संदिग्ध को घटनास्थल पर मार गिराने की पुष्टि की थी। पुलिस ने संदिग्ध की पहचान 28 वर्षीय उस्मान खान के तौर पर की थी, साथ ही उन्होंने कहा कि घटना में किसी और के शामिल होने की फिलहाल कोई आशंका नहीं है।


स्कॉटलैंड यार्ड के 'हेड ऑफ काउंटर टेररिज्म पुलिसिंगÓ के सहायक आयुक्त नील बसु ने बताया कि उसकी पहचान हो गई है। 2012 में उसे आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तत होने का दोषी पाया गया था और दिसम्बर 2018 में ही उसे जेल से रिहा किया गया। ब्रिटेन के आतंकवाद रोधी अधिकारियों ने जांच अपने हाथ में ले ली है और घटना को आतंकवादी घटना घोषित कर दिया गया है। 


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