ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में सहकारी सभाओं की अहम भूमिका : धूमल


हमीरपुर (स्वतंत्र प्रयाग) हिमाचल प्रदेश:- 66वां अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के उपलक्ष्य पर जिला सहकारी विकास संघ हमीरपुर द्वारा जिला स्तरीय सहकारिता दिवस समारोह दी गसोता कृषि सेवा सहकारी सभा सीमित के प्रांगण में मनाया गया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की जबकि यशवीर सिंह पटियाल अध्यक्ष जिला सहाकारी विकास संघ हमीरपुर ने समारोह की अध्यक्षता की।


मुख्यातिथि प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने सहकारी फलैग को फहराकर कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता ने ग्रामीण अर्थ व्यवस्था  को सुदृढ़ करने में सराहनीय भूमिका निभाई है। लोगों में सहकारी सभाओं को अपनी छवि तथा  विश्वसनियता बनाए रखने के लिए परस्पर सहयोग , ईमानदारी, मेहनत  तथा सेवा भाव से कार्य करना होगा।



उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला में सहकारिता आन्दोलन की प्रगति का आकंलन इसी बात से किया जा सकता है कि वर्तमान में जिला में 223 प्राथमिक कृषि सेवा सभाओं में से 215 सहकारी सभांए प्रतिवर्ष लाखों रूपये का लाभ अर्जित कर रही हैं। यह सभाएं अपने सदस्यों को दस से पच्चीस प्रतिशत तक लाभांश भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला की लगभग 80 प्रतिशत आबादी को सहकारिता के अधीन लाया गया है तथा लगभग 800 परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि जिला हमीरपुर में सहकारी सभाओं द्वारा वर्ष 2018-19 के दौरान कुल 1 अरब 8 करोड़ 96 लाख रूपये के ऋण वितरित किए गए। जिला की सहकारी सभाओं की कुल कार्यशील पूंजी राशि 15 अरब 87 करोड़ रूपए से अधिक हो गई है। समाज में गरीब व जरूरतमंद लोगों की आवश्यकता पूरा करने में सहकारी सभाओं का योगदान सराहनीय है।


मुख्यातिथि प्रेम कुमार धूमल ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जिला में प्रथम स्थान पर रहने के लिए दी बूनी कृषि समिति, दूसरे स्थान पर रहने के लिए दी चौरी सहकारी समिति तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए दियोटसिद्ध सहकारी समिति को पुरस्कृत किया। इसी प्रकार उन्होंने जोनल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए  सुजानपुर जोन में पटलांदर सहकारी समिति को पहला, टीहरा सहकारी समिति को दूसरा तथा बगलू सहकारी समिति   को तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए पुरस्कार प्रदान किए।


नादौन जोन के बलदूहक सहकारी समिति को प्रथम, जलाड़ी भदरियाण को दूसरा तथा रैल सहकारी समिति को तीसरा ईनाम दिया गया। हमीरपुर जोन के कुठेहड़ा सहकारी समिति  को प्रथम, झनियारी देवी सहकारी समिति को दूसरा तथा गसोता सहकारी समिति  को तीसरा पुरस्कार दिया गया।बिझड़ी जोन के लदरौर कलंा को पहला, ताजियार सहकारी समिति को दूसरा तथा बीड़ू सहकारी समिति  को तीसरा पुरस्कार दिया गया। बड़सर जोन के कसवाड़ सहकारी समिति को पहला, दी गुडिय़ा सहकारी समिति को दूसरा तथा गार्ली सहकारी समिति को तीसरा पुरस्कार दिया गया।


टौणी देवी जोन के दी उटपुर सहकारी समिति को प्रथम, कोट सहकारी समिति को द्वितीय तथा बोहणी सहकारी समिति को तृतीय पुरस्कार दिया गया। भोरंज जोन की कक्कड़ सहकारी समिति को प्रथम, लदवां सहकारी समिति को दूसरा तथा हनोह सहकारी समिति को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया गया।


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