दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर केंद्र सरकार की नजर, पीएम के प्रधान सचिव ने की उच्च स्तरीय बैठक

राष्ट्रीय खबर


नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंच जाने के मद्देनजर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों, कचरा जलाने वालों और निर्माण कार्यों पर केन्द्र सरकार की ओर से कड़ी नजर रखी जा रही है।


और प्रदूषण से निपटने के लिए राजधानी में 300 टीम तैनात की गई हैं।प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में प्रदूषण से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।


बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कैबिनेट सचिव इन राज्यों के अधिकारियों से संपर्क बनाकर हर रोज स्थिति की निगरानी करेंगे। तीनों राज्यों के मुख्य सचिवों से विभिन्न जिलों में दिन रात स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रदूषण से निपटने के लिए राजधानी में 300 टीम तैनात की गई हैं। राज्यों को भी जरूरी मशीन उपलब्ध करायी गयी है।


राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सात औद्योगिक गलियारों औऱ प्रमुख यातयात गलियारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भयंकर प्रदूषण की स्थिति ने केन्द्र सरकार को झकझोर दिया है। सरकार ने कैबिनेट सचिव तथा उत्तर भारत के राज्यों के मुख्य सचिवों को चौबीसों घंटे प्रदूषण की स्थिति एवं उसे नियंत्रित करने के उपायों की सघन निगरानी के निर्देश दिये हैं।सूत्रों के अनुसार देश के शीर्षतम नौकरशाह कैबिनेट सचिव इन राज्यों एवं राष्ट्रीय राजधानी प्क्षेत्र में वायु प्रदूषण की दिन प्रतिदिन की स्थिति पर निगरानी रखेंगे जबकि उन राज्यों के मुख्य सचिवों को भी अपने अपने राज्यों में वायु प्रदूषण तथा उसे नियंत्रित करने के उपायों पर चौबीसों घंटे पैनी निगाह रखने को कहा गया है।दम घोंटू वायु प्रदूषण से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोग ही परेशान नहीं है बल्कि रविवार को इसका असर उत्तर भारत के कई इलाकों, सड़कों पर और आसमान में भी साफ दिखा।


राजधानी में छिटपुट बारिश के बाद कोहरा सा छा जाने से दृश्यता पर खासा असर पड़ा तो हवाई यातायात भी बाधित हुआ। दृश्यता कम होने की वजह से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाली कम से कम 32 उड़ानों को दूसरे स्थानों पर भेजना पड़ा।वायु प्रदूषण से सड़कों पर लोग मास्क लगाए नजर आये। यही नहीं धुंध के कारण सड़कों पर वाहन चालकों ने गाड़ी चलाते समय लाइट जलाकर रखी। दिल्ली सरकार प्रदूषण को देखते हुए स्कूलों में पांच नवंबर तक अवकाश का ऐलान कर चुकी है।


अब नोएडा और गाजियाबाद में भी पांच नवंबर तक सभी स्कूल बंद रहेंगे।दिल्ली में कल से वाहनों पर सम-विषम योजना भी लागू हो रही है जो 15 नवंबर तक चलेगी। इस दौरान वाहन के नंबर का आखिरी अंक सम होने पर यह सम तिथि को चलाने की अनुमति होगी। उदाहरण के लिए यदि वाहन के नंबर का अंतिम अंक शून्य, 2, 4, 6 और आठ है तो इसे सम तिथि पर अर्थात 4, 6, 8, 10, 12, और 14 तारीख को चलाने की अनुमति होगी। विषम नंबर के वाहन को विषम तिथि पर चलाने की अनुमति रहेगी। इस बार सीएनजी वाहनों को भी इससे छूट नहीं दी गई।रविवार को दिल्ली का समीपवर्ती जिला गाजियाबाद सबसे अधिक प्रदूषित रहा। वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खतरनाक स्थिति 868 पर रहा। दिल्ली में यह आपातकाल स्थिति 625 ताे गुड़गांव में भी इसी श्रेणी में 737 है। फरीदाबाद में कुछ राहत है, फिर भी यह खतरनाक श्रेणी में 501 एक्यूआई पर है जबकि नोएडा में आपातकाल स्थिति में 667 एक्यूआई पर है।


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