बालू बनी सोना, पुलिस व खनिज विभाग की 'चांदी

बांदा (स्वतंत्र प्रयाग) लखनऊ बांदा सरकारी खजाने से कहीं ज्यादा खनिज संपदा से बालू चोरों, पट्टाधारकों, पुलिस और विभागीय लोगों की जेबें भर रहीं हैं। मंडल मुख्यालय की नाक तले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और शासन के आदेशों की धज्जियां रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक उड़ रही है। खेत और गांव की गलियां तथा करोड़ों की सड़कें ध्वस्त कर रहे ओवरलोड ट्रकों की धर पकड़ के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही हैं।


अक्सर सैकड़ों ट्रकों को पकड़कर गिने-चुने का चालान करके शेष ट्रकों से वसूली कर उन्हें क्लीन चिट दे दी जाती है।हाईकोर्ट के आदेशाें का भी पालन नहीं हो रहा। खदानें आबाद हो गई। जेबें भरने लगीं, लेकिन शर्तों और निर्देशों पर अमल नहीं किया जा रहा है।


मध्य प्रदेश की सरहद से लेकर मंडल मुख्यालय की नाक तले चल रही खदानों में अब तक न तो धर्मकाटे लगे और न ही सीसीटीवी कैमरे। 1 अक्टूबर से शुरू हुए खनन के दूसरे चरण में दो माह बाद भी मानक पूरे नहीं किए जा रहे हैं।...


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पुरा छात्र एवं विंध्य गौरव ख्याति समारोह बड़े शानोशौकत से हुआ सम्पन्न

प्रयागराज में युवक की जघन्य हत्या कर शव को शिव मंदिर के समीप फेंका , पुलिस ने शव को लिया अपने कब्जे में

विधालय का ताला तोड़कर चोरों ने हजारों का सामान किया चोरी