रामलला ने बढ़ाई यूपी में सरगर्मी ,30 नवंबर तक सरकारी अफसरों की छुट्टियाँ रद्द

    राष्ट्रीय खबरलखनऊ (स्वतंत्र प्रयाग): अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आखिरी दौर में है। कोर्ट कभी भी अपना फैसला सुना सकता है क्योंकि बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने स्पष्ट कर दिया कि वह अब और समय नहीं देंगे। इस बीच, इस मामले को लेकर अयोध्या सहित समूचे उत्तर प्रदेश में सरगर्मी बढ़ गई है। यूपी सरकार ने अलर्ट जारी करते हुए सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां 30 नवंबर तक रद्द कर दी हैं। अफसरों को अपने-अपने मुख्यालय में बने रहने का निर्देश दिया गया है।


अयोध्या केस में आज आखिरी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में जबरदस्त गहमागहमी और ड्रामा देखने को मिला। 5 जजों की संविधान पीठ के सामने मुस्लिम पक्षकार के वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने अयोध्या से संबंधित एक नक्शा ही फाड़ दिया। दरअसल, हिंदू पक्षकार के वकील विकास सिंह ने एक किताब का जिक्र करते हुए नक्शा दिखाया था। नक्शा फाड़ने के बाद हिंदू महासभा के वकील और धवन में तीखी बहस हो गई। इससे नाराज चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा था जज उठकर चले जाएंगे।
हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने कहा, 'हम अयोध्या रीविजिट किताब कोर्ट के सामने रखना चाहते हैं जिसे रिटायर आईपीएस किशोर कुणाल ने लिखी है। इसमें राम मंदिर के पहले के अस्तित्व के बारे में लिखा है। किताब में हंस बेकर का कोट है। चैप्टर 24 में लिखा है कि जन्मस्थान के वायु कोण में रसोई थी। जन्मस्थान के दक्षिणी भाग में कुआं था। बैकर के किताब के हिसाब से जन्मस्थान ठीक बीच में था। विकास ने उसी किताब का नक्शा कोर्ट को दिखाया, जिसे धवन ने पांच टुकड़ों में फाड़ डाला।


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