हिन्दू महासभा और मुस्लिम पक्षकारो ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जवाब

राष्ट्रीय खबरनई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग): अयोध्या विवाद में बेशक सुनवाइयों का दौर खत्म हो गया है लेकिन मॉल्डिंग ऑफ रिलीफ (वैकल्पिक राहत को लेकर)  अखिल भारतीय हिन्दू महासभा व मुस्लिम पक्षकारों ने सीलबंद कवर में लिखित जवाब दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रखते हुए सभी पक्षकारों को तीन दिन के अंदर मोल्डिंग ऑफ रिलीफ को लेकर लिखित जवाब दाखिल करने को कहा था।  


 हिन्दू महासभा के मॉल्डिंग ऑफ रिलीफ में कहा गया है कि अयोध्या में जन्मस्थान पर राम मंदिर के निर्माण पर पूरी मंदिर की व्यवस्था के लिए सुप्रीम कोर्ट एक ट्रस्ट बनाए। इसके साथ ही इसका पूरा उपक्रम सुप्रीम कोर्ट के जरिए नियुक्त एडमिनिस्ट्रेशन के जरिए हो। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करे। सूत्रों के मुताबिक मुस्लिम पक्ष ने मॉल्डिंग ऑफ रिलीफ में कहा कि उन्हें वही राहत चाहिए जो उन्होंने बहस के दौरान कही थी। दरअसल, मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने बहस के दौरान कहा था कि उन्हें विध्वंस से पहले की हालत वाली बाबरी मस्जिद चाहिए. यानी विवादित जगह पर बाबरी मस्जिद ही चाहिए, वो भी वैसी चाहिए जैसी 1992 में 6 दिसंबर की सुबह तक थी। 


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