वाराणसी न्यायालय में सिविल जज तथा फ़ास्ट ट्रैक सहित सात लोग हुए कोरोना पॉजिटिव मचा हड़कम्प


वाराणसी:(स्वतंत्र प्रयाग न्यूज़): जिला एवं सत्र न्यायलय में एक बार फिर कोरोना मरीज़ मिलने से हड़कंप मच गया।


 इस बार फास्ट ट्रैक के सिविल जज सहित 7 लोगों को कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है, इन सभी का एंटीजन टेस्ट आज जिला कोर्ट वाराणसी में किया गया था 43 लोगों की कोरोना की जांच गयी जिनमे जज सहित सात लोगो की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई।


सूचना मिलते ही जिला जज उमेश चंद शर्मा ने जिला एवं सत्र न्यायलय को 26 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया गया इस अवधि में पूरे न्यायलय परिसर का सेनेटाइज़ेशन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को हिदायत दिया कि कोर्ट में कोरोना महामारी को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


वाराणसी न्यायलय में गुरुवार को हुई जांच में सिविल जज फास्ट ट्रेक कोर्ट, एसीजेएम 5 के पेशकार, एसीजेएम जूनियर डिवीजन का अर्दली, मुंसिफ -5 में अर्दली, मुंसिफ( जज) और दो अधिवक्ता पॉज़िटिव पाए गए हैं।


उधर, वाराणसी कचहरी बार के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ शर्मा, अशोक राय पूर्व महामंत्री सेंट्रल बार, प्रतिमा पांडेय अधिवक्ता, पूजा श्रीवास्तव अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि कचहरी में कोरोना महामारी को लेकर प्रशासन जरा भी गंभीर नहीं है। न तो जांच ईमानदारी से हो रहा है ना तो कचहरी परिसर के ऑफिस, अधिवक्ता चौकी, तथा अधिवक्ता चैंबर्स को ही सेनेटाइज किया जा रहा है।


अगर अभी भी प्रशासन नहीं चेता तो पूरा कचहरी परिसर कलेक्ट्रेट परिसर पूरी तरह महामारी की चपेट में जल्द आ जाएगा जिसके गंभीर परिणाम वाराणसी को भुगतने पड़ेंगे।